- वसई-विरार महानगर पालिका चुनाव के घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी है ।जहाँ पार्टी छोड़-पकड़ तेज हो गयी है वही टिकेट की दावेदारी भी ,एक एक प्रभाग में दर्जनों उम्मीदवार अपनी अपनी फ़िराक़ में लगे हुए है ,कही लोकल उम्मीदवार की पैरवी हो रही है तो कही उत्तर भारतीय ,संगठन कैडर तो कही दूसरे पार्टी से आये नेता कतार में है ।जबकि अभी तक दूसरे पार्टीयों से समझौता की बात चल ही रही है जहाँ महायुती में भारतीय जनता पार्टी के साथ शिवसेना ,राष्टवादी कांग्रेस पार्टी ,आरपीआई जैसे पार्टीयां आपस मे मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी को अमलीजामा नही पहना पा रही है वही मुख्य विपक्षी पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी ने कांग्रेस ,उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट ,शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से निवेदन किया है कि हमें भी मिलकर महायुती को चुनौती देना चाहिए।
- भारतीय जनता पार्टी में बड़ा कश्मकश*
- विधानसभा चुनाव 2024 में पूरे वसई विरार की नैया के खेवनहार बना था उत्तर भारतीय समाज जो कि कार्यकर्ता से लेकर वोटर सपोटर की भूमिका में नालासोपारा विधानसभा 132,वसई विधानसभा 133 और बोइसर विधानसभा 131 में बढ़ चढ़ हिस्सा लेते हुए भारतीय जनता पार्टी को विजय दिलायी ।जो कि बहुजन विकास अघाड़ी के पक्षपात पूर्ण रवैया और गुंडागर्दी से त्रस्त था उसको उम्मीद थी कि भारतीय जनता पार्टी में उन्हें सम्मान मिलेगा और पक्षपात जैसी अपमानित करने वाली व्यवस्था से वो दूर होंगे ।वर्तमान परिदृश्य में जब विधानसभा चुनाव को 1 वर्ष से अधिक समय हो गए है इसके बावजूद उत्तर भारतीय समाज अपने आप को वही पा रहा है जहाँ वो वर्षों से रहा है ।जिसका जीता जागता उदाहरण इस महानगर पालिका चुनाव के उम्मीदवार चुनाव करने में देखा जा सकता है ,एक तरफ़ जहाँ उत्तर भारतीय नेताओं ने वर्षों से भारतीय जनता पार्टी को मज़बूत करने में लगे रहे कि मज़बूत होने पर उनको भी उसका ब्याज़ स्वरूप वसई-विरार की राजनीति में अवसर प्राप्त होगा पर आज अभी तक समाज अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है ।
- *बीजेपी संगठन कैडर का बड़ा विरोध*
- महानगर पालिका चुनाव में उम्मीदवार चयन को लेकर संगठन कैडर का विपक्षी पार्टियों से आये हुए नेताओं का जमकर विरोध हो रहा है ,नालासोपारा पश्चिम मंडल के प्रभाग 11 में रुपाली चोरगे (मंडल महामंत्री भारतीय जनता पार्टी )के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने बाहरी नेताओं के उम्मीदवारी पर कड़ा विरोध करते हुए जिला निवडणूक अधिकारी व आमदार नालासोपारा राजन नाइक जी को पत्र लिखा है ।जबकि वही प्रक्रिया प्रभाग 14 में भी हो रही है ।अब भारतीय जनता पार्टी के जिला आला नेतृत्व को सोचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि अगर संगठन की बात नही सुनी गई तो आने वाले चुनाव में इसका बड़ा खमियाजा उठाना पड़ सकता है ,जबकि अगर दूसरे पार्टी से आये हुए नेताओं को तरजीह नही दी गयी तो उनका विरोध लाज़मी है ।
- अब देखने वाली बात होगी कि भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व इन चुनौतियों को कैसे लेता है जबकि पार्टी का कोर वोटर बन चुके उत्तर भारतीय समाज के लोगों को लॉलीपॉप देना बड़ा ही मुश्किल होगा क्योंकि राजनीतिक रूप से उत्तर भरतीय समाज मज़बूत है ,वही संगठन कैडर भी नाराज हुआ तो उसका विकल्प तैयार करना भी आसान नही होगा ।